पारंपरिक ‘गढ़ भोज’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन
गृह विज्ञान विभाग में स्थानीय व्यंजनों के पौष्टिक गुणों एवं सांस्कृतिक महत्व पर हुआ विशेष व्याख्यान का आयोजन
कोटद्वार,। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार के गृह विज्ञान विभाग में बुधवार को पारंपरिक ‘गढ़ भोज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मंजू यादव एवं डॉ. शशि बाला उनियाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में छात्राओं द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध पारंपरिक खान-पान संस्कृति, स्थानीय अनाज, दालों एवं पारंपरिक व्यंजनों के पोषण संबंधी महत्व से विद्यार्थियों को परिचित कराना तथा राज्य की सांस्कृतिक एवं खाद्य विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न पारंपरिक गढ़वाली व्यंजन तैयार किए गए और उन्हें आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. मंजू यादव ने छात्राओं को गढ़ भोज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पोषण संबंधी विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन में शामिल मंडुआ, झंगोरा, स्थानीय दालें एवं अन्य पहाड़ी खाद्य पदार्थ पोषक तत्वों से भरपूर हैं और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आधुनिक जीवनशैली में स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देकर संतुलित एवं पौष्टिक आहार को अपनाया जा सकता है
डॉ. शशि बाला उनियाल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि नई पीढ़ी उत्तराखंड की समृद्ध खाद्य संस्कृति एवं पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाए तथा स्थानीय उत्पादों एवं पारंपरिक व्यंजनों को अपने दैनिक जीवन में स्थान दे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक भोजन केवल हमारी संस्कृति और पहचान का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसमें स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अनेक महत्वपूर्ण गुण विद्यमान हैं।
कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य प्रो. निरंजना शर्मा ने छात्राओं द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘गढ़ भोज’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक खाद्य संस्कृति हमारी अमूल्य विरासत है, जिसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर प्रो. इंदु तिवारी, प्रो. दीपक पांडेय, प्रो. सूरत सिंह, डॉ. सन्दीप कुमार, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. जीतेन्द्र सिंह, डॉ. श्रद्धा सिंह, डॉ. राकेश कुमार द्विवेदी, डॉ. संजय मदान, डॉ. प्रवीण डोभाल, डॉ. ममता रावत, डॉ. स्वेता कुकरेती, श्रीमती शाहिस्ता एवं अब्दुल जब्बार सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्राएं उपस्थित थे।

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